पटना, 14 नवंबर 2025:
लंबे इंतज़ार के बाद Bihar Election Result Announced 2025 हो गए हैं, और इस बार बिहार की जनता ने स्पष्ट संदेश देते हुए National Democratic Alliance (NDA) को भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करवाई है।
243 सीटों में से NDA ने 202 सीटें जीतकर अभूतपूर्व प्रदर्शन किया, जिसने पूरे राजनीतिक समीकरण को बदलकर रख दिया है।
इस जीत के साथ नीतीश कुमार लगातार पाँचवीं बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं, जो उन्हें बिहार का सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला मुख्यमंत्री बनाता है — यह उपलब्धि अभी तक किसी और नेता के पास नहीं रही।
🔵 NDA की प्रचंड जीत — सत्ता में स्थिरता की वापसी
202 सीटों का आंकड़ा सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बिहार के जनमत का स्पष्ट संकेत है कि वे स्थिरता, विकास और सुशासन के मॉडल को आगे देखना चाहते हैं।
भाजपा–जदयू गठबंधन की इस जीत ने विपक्ष को राजनीतिक रूप से झकझोर दिया है।
NDA — 202
Mahagathbandhan: 35
- AIMIM: 5
अन्य — 1
महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक रहा, विशेषकर RJD और कांग्रेस के लिए।🔵 तेजस्वी यादव की जीत, लेकिन RJD की बड़ी हार
RJD नेता तेजस्वी यादव ने राघोपुर सीट से लगभग 11,000 वोटों से जीत हासिल की,
लेकिन यह जीत विपक्ष के लिए सांत्वना मात्र रही।
राज्यभर में RJD का प्रदर्शन कमजोर रहा और पार्टी अपनी अपेक्षाओं के मुताबिक समर्थन जुटाने में नाकाम रही।
🔵 पीएम मोदी का संबोधन — “यह बिहार के विकास का नया अध्याय है”
NDA की जबरदस्त जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:
“बिहार की जनता ने लोकतंत्र, विकास और स्थिर शासन पर विश्वास जताया है।”
“कांग्रेस के पास देश के लिए सकारात्मक दृष्टि नहीं है और गठबंधन में वह एक बोझ बन चुकी है।”
“यह जीत बिहार के विकास की नई यात्रा की शुरुआत है।”
पीएम ने मतदाताओं, चुनाव आयोग और सुरक्षा व्यवस्था की भी सराहना की।
🔵 नीतीश कुमार की पाँचवीं पारी — क्या होंगे अगले पाँच साल के मुख्य एजेंडे?
लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ नीतीश कुमार अब अपनी 5th uninterrupted term की ओर बढ़ रहे हैं।
NDA नेताओं के अनुसार आने वाले समय में—
रोजगार के अवसर बढ़ाना
ग्रामीण सड़क और बिजली व्यवस्था मजबूत करना
महिलाओं की सुरक्षा
शिक्षा व्यवस्था में सुधार
कृषि और उद्योग विकास
— प्रमुख फोकस रहने वाले हैं।
🔵 बिहार ने दिया साफ-साफ जनादेश
पहले और दूसरे फेज़ में 64% से अधिक मतदान के बाद ही अंदाजा लग रहा था कि जनता इस बार निर्णायक जनादेश देगी।
अब परिणाम साफ कर चुके हैं कि बिहार ने “कौन” नहीं, बल्कि “किस तरह का शासन” चाहिए — यह चुनकर दिया है।
चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में हुए और अधिकतर जगहों पर वोटिंग प्रतिशत रिकॉर्ड स्तर पर रहा।
