Bihar Chhath Puja News 2025: छठ पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और प्रकृति के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। यह पर्व बिहार की मिट्टी में बसा एक ऐसा सांस्कृतिक प्रतीक है जिसने पूरे भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर में बसे बिहारवासियों को एक डोर में बांधा है। यह पर्व आत्म-शुद्धि, श्रम-साधना और पर्यावरण के साथ गहरे संबंध का प्रतीक माना जाता है।
हर साल की तरह इस बार भी नदियों, तालाबों और घाटों पर लाखों व्रती एकत्र होकर सूर्य देव और छठी मैया को अर्घ्य अर्पित करेंगे। घाटों पर पारंपरिक लोकगीतों की गूंज, गन्ने की सजावट और दीपों की रौशनी बिहार की पहचान बन चुकी है। यह पर्व न केवल महिलाओं की तपस्या और श्रद्धा का प्रतीक है बल्कि परिवार और समाज को एकजुट करने का भी संदेश देता है।
इस वर्ष भी श्रद्धालुओं का समर्पण और भक्ति देखने लायक है — सुबह-सुबह घाटों पर उमड़ती भीड़, संध्या अर्घ्य के समय जल में तैरते दीप और “छठी मैया के जयकारे” पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व का समापन 28 अक्टूबर की सुबह उषा अर्घ्य के साथ होगा, जब व्रती उगते सूर्य को जल अर्पित कर अपने व्रत का समापन करेंगे।
Bihar Chhath Puja News 2025, बिहार के लोगों के लिए सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपरा और अस्मिता का उत्सव है — जो पीढ़ियों से हमारी आस्था को मजबूत करता आया है।
